मध्य प्रदेश से संतोष जैन की रिपोर्ट -
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में नई पाबंदियों का ऐलान किया है ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में हालात काफी गंभीर हैं और अस्पतालों पर दबाव है सीएम ठाकरे ने कहा कि सख्त कदम उठाने का वक्त आ गया है
मैं लॉकडाउन की बात नहीं कर रहा हूं
लेकिन जो पाबंदियां लगाई जा रही हैं
वो लॉकडाउन की तरह ही हैं रोजी रोटी जरूरत है
लेकिन जान बचाना भी जरूरी है
महाराष्ट्र में क्या लगाए गए प्रतिबंध?
कल रात को 8 बजे से ब्रेक द चेन अभियान लागू किया जाएगा, पूरे राज्य में धारा 144 लागू रहेगी
पूरे राज्य में अगले 15 दिनों तक संचारबंदी लागू की
जाएगी, बिना जरूरत के आना जाना बंद करना होगा
अगर जरूरी काम नहीं है
तो आप घर के बाहर नहीं निकलेंगे, इसे जनता कर्फ्यू जैसा ही समझें
जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी सेवाएं
और
दफ्तर बंद रहेंगे
ट्रांसपोर्टेशन बंद नहीं हो रहा है ये सभी चीजें सिर्फ जरूरी चीजों के लिए खुली रहेंगीं
जो कंस्ट्रक्शन के लोग हैं उनसे विनती है कि जहां पर काम चल रहा है
वहीं मजदूरों के रहने की व्यवस्था करें
रेस्टोरेंट में आप टेक अवे कर सकते हैं
वहां बैठकर खाना नहीं खासकते हैं
गरीबों कार्ड धारकों को तीनमहीने तक तीन किलो गेंहूंऔर
दो किलो चावल मुफ्त दिएजाएंगे, शिवभोजन थालीको पहले 5 रुपये में दियाजाता था, उसे अब मुफ्त मेंदिया जाएगा
कंस्ट्रक्शन में काम करनेवाले मजदूरों को
1500 रुपये की आर्थिकमदद दी जाएगी
हमारे पास 12 लाख मजदूरोंरजिस्टर हैं, जिन्हें ये मदद दी जाएगी
रजिस्ट्रेशन वाले हॉकर्स को भी आर्थिक मदद दी जाएगी इसके अलावा परमिट होल्डर रिक्शा चालकों को
भी 1500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी
सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि, कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं
इसलिए परीक्षाओं को हम बाद में करवा सकते हैं
उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से मैं अलग-अलग लोगों से चर्चा कर रहा हूं लेकिन अगर ये वक्त हमारे हाथ से निकल गया तो कोरोना की स्थिति
और खराब
होती चली जाएगी हमारे यहां 1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है
जिसका इस्तेमाल हॉस्पिटलों में किया जा रहा है.ऑक्सीजन की लगातार सप्लाई जारी, एयरफोर्स के सहयोग की मांग
सी एम ठाकरे ने कहा कि रेमेडेसिवीर की मांग तेज हो चुकी है
हमारे पास ये दवा आना शुरू हो गया है
जहां से रेमेडेसिवीर मिल पा रहा है
वहां से हम खरीद रहे हैं
हमने केंद्र से ऑक्सीजन के लिए भी मांग की है
हम कोई भी मरीजों की संख्या या मौतों को छिपाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं
जो हालात हैं
वो सभी के सामने हैं इसीलिए हमने पीएम से ऑक्सीजन की मांग की है यहां जितनी भी इंडस्ट्री हैं उनसे भी ऑक्सीजन ली जा रही है

