जबलपुर से संतोष जैन व गजेंद्र सिंह की रिपोर्ट-
एफसीआई के गोदामों में गेहूं जमा करने के लिए जिला विवरण संघ सरकारी धन की फिजूलखर्ची कर रहा है पहले खरीदी केंद्र या भंडार ग्रहों से सीधे गोदाम भेजा जाना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया जब मध्य प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम ने दो करोड़ 33 लाख से ज्यादा की कटौती का नोटिस दिया तो गोदामों में क्यों भेजा जाने लगा है इसके लिए उसे गेहूं की बोरी की लोडिंग अनलोडिंग पर फिर से लाखों रुपए खर्च करना पड़ रहा है गेहूं की खरीदी के साथ ही यह रहता है कि निर्धारित मात्रा में उसे एफसीआई के गोदामों रखना गोदामों में रखना पड़ता है लेकिन हर बार खरीदी एजेंसी ऐसा नहीं कर निजी या वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के गोदामों को पहले भर्ती है जानकारों का कहना है कि गोदाम संचालक भी इसके लिए जोर लगाते हैं विवरण संघ के ध्यान नहीं देने से एफसीआई के गोदाम खाली रह जाते हैं और भरतपुर से उठाओ एफसीआई के गोदामों के लिए अब कुंडम विकासखंड के तिलसानी ओपन और बरगी के चरगवां स्थित भरतपुर ओपन जैसे गेहूं का उठाव किया जा रहा है बताया जाता है कि अभी उठाव किया जा रहा है अब वहां से फिर गेहूं का उठाव और बाद में एफसीआई के गोदाम में उसे उतरवाने में लाखों रुपए का वय किया जा रहा है यदि पहले खरीदी केंद्र से एफसीआई के गोदामों में गेहूं पहुंचता है ऐसे में परिवहन और लोडिंग तथा अनलोडिंग पर लाखों रुपए दोबारा खर्च होने से बच सकते हैं

