संतोष जैन जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी दवा दुकान संचालकों से लेकर निजी अस्पतालों द्वारा की जा रही है, इस बात का खुलासा देर रात स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन अस्पतालों पर अचानक छापा मारने पर हुआ है, अस्पतालों द्वारा चार गुना कीमत पर रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचा जा रहा है. यहां पर तक कि इंजेक्शन का ब्यौरा भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसपर तीनों अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है.
बताया जाता है कि आपदा के दौर
में भी निजी अस्पतालों द्वारा निजी अस्पतालों द्वारा रेमडेसिविर इंजेक्शन के नाम
पर अवसर तलाश लिया गया है, यहां पर निजी अस्पतालों द्वारा
सिर्फ मरीजों से रुपया वसूला जा रहा है, लगातार मिल रही
शिकायतों पर देर रात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विजय नगर स्थित शॅल्वी, मेडिकेयर व गैलेक्सी हास्पिटल में छापा मारा, अधिकारियों
को जांच के दौरान शॅल्वी अस्पताल प्रबंधन इंजेक्शन का ब्यौरा ही नहीं दे पाया,
यहां तक कि कोरोना मरीजों के उपचार के लिए सरकार द्वारा जारी रेट
लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई, जिसपर अस्पताल संचालक को
नोटिस जारी किया गया है.
इसी
तरह गैलेक्सी अस्पताल में जांच के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन का ब्यौरा ही दर्ज
नहीं था, इंजेक्शन की मात्रा भी कम मिली, जिस कीमत पर अस्पताल प्रबंधन ने रेडक्रास से खरीदे रहे, उससे चार गुना कीमत पर मरीजों को दिए गए, यहां तक कि
मरीजों से भरती के वक्त ही दो लाख रुपए एडवांस के रुप में जमा कराए जा रहे है,
अधिकारियों ने भरती मरीजों के परिजनों से चर्चा की तो उन्होने कहा
कि यहां पर तय रेट से कहीं ज्यादा फीस वसूली की जा रही है. विजय नगर उखरी चौक पर
भी डाक्टर आशुतोष बाजपेई द्वारा संचालित मेडिकेयर हास्पिटल में भी इंजेक्शन की
खरीदी व खपत में भी काफी अंतर देखने को मिला, यहां पर
रेडक्रास सहित अन्य जरियों से रेमडेसिविर इंजेक्शन की खरीदी की गई, कम खपत के बाद भी इंजेक्शन की मात्रा कम ही मिली, तीनों
अस्पतालों द्वारा की जा रही अनियमितता के बाद संचालकों को नोटिस जारी किया गया है.

