अन्नदाता के पसीने का सौदा - Aaj Tak News

Breaking

आज तक 24x7 वेब न्यूज़ व्यूअर से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे औरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406763885 पर व्हाट्सएप्प करें....भारत के समस्‍त प्रदेशों में स्‍टेट ब्‍यूरों, संभाग ब्‍यूरों , जिला ब्‍यूरों, तहसील ब्‍यूरों और ग्राम स्तर पर संवाददाता की आवश्यकता है


अन्नदाता के पसीने का सौदा


जबलपुर से संतोष जैन व इंद्रजीत कोष्टा की रिपोर्ट -


अन्नदाता के पसीने का सौदा 244 करोड़ के घाटे में कर रही सरकार

मंगाई दो लाख 13 टन गेहूं की निविदा

जबलपुर वर्ष 2019 में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया था गेहूं  


एक और सरकार आर्थिक तंगी की आड़ में गरीबों को राशन का अनाज तक तरीके से नहीं दे पा रही है वहीं दूसरी ओर किसानों से 2019-20 में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया 200000 टन गेहूं औने पौने दामों पर बेचने जा रही है हैरानी की बात यह है कि इस गेहूं को बेचने के लिए आमंत्रित निविदा में रिजर्व प्राइस 1580 रुपए के प्रति कुंटल नियत की गई जबकि गेहूं खरीद में रखरखाव तक 2 सालों में सरकार को करीब ₹500 प्रति कुंटल पड़ा इस लिहाज से सरकार को इस सौदे में सीधा-सीधा 244 करोड रुपए तक का घाटा सरकार का एक कुंटल पर लगा 28 राज्य सरकार ने 2019 में केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से 18 सो ₹75 प्रति कुंतल की दर से खरीदा था इस गेहूं में राज्य के हिस्से में करीब 2013 टन गेहूं को बेचने के लिए सरकार ने स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन के जरिए यह निविदा निकाली है यह गेहूं प्रदेश के अलग-अलग जिलों के विभिन्न गोदामों में स्टाक है.