जबलपुर से संतोष जैन व इंद्रजीत कोष्टा की रिपोर्ट -
पाटन रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना की पार्टन शाखा नहर को मरम्मत कार्यों के लिए प्रशासन द्वारा 15 मार्च से बंद कर दिया गया था अधिकारियों की लापरवाही और ढीले रवैए के चलते अब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं किया जा सका है नहर में लगाए गए पट्टे टाइल्स टूटे पड़े हुए हैं वहीं पांच से 6 फीट ऊंची झाडिया भी निकल आई नहर में पत्थर पड़े हुए हैं साफ सफाई ना होने से मिट्टी भी भर गई है सब नेहरे भी जगह-जगह टूटी पड़ी है जिससे खेतों में पानी भर रहा है मानसून नजदीक है ऐसे में किसानों के माथे में चिंता की लकीरें हैं किसानों का कहना है बिना मरम्मत के अगर नेहरो में पानी छोड़ा जाएगा तो पानी का जमाव होगा और खेतों में पानी भरने से फसल खराब होगी इस संबंध में नहर विभाग के इंजीनियर के के तलैया का कहना है कि विभाग के सभी अधिकारियों को सफाई और मरम्मत के लिए निर्देशित कर दिया गया है जल्द ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा


