जबलपुर से मुकेश जैन व राजेश बुनकर की रिपोर्ट -
10 सूत्रीय मांग को लेकर क्रमिक अनशन कर रही नर्सों ने सोमवार से धरने पर बैठ गई हैं। 15 जून से वे दो-दो घंटे के लिए कामकाज ठप रखेंगी। नर्सों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे हड़ताल पर भी जा सकती हैं। उधर, आशा कार्यकर्ताओं ने भी वेतन की मांग को लेकर सोमवार को CMHO कार्यालय में पहुंच कर प्रदर्शन किया।
नर्सेस एसोसिएशन मध्य प्रदेश की अगुवाई में ये प्रदर्शन चल रहा है
जबलपुर एसोसिएशन की अध्यक्ष हर्षा सोलंकी के मुताबिक 14 जून सोमवार से हम नर्सिंग स्टाफ ने धरना शुरू कर दिया। अब 15 जून से धरने के दौरान दो घंटे कामकाज भी बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन में कौशल्या सिंह, अंजू चैटर्जी, रोजमेरी जॉन, शारदा खिलवानी, शीला सेडरिक सहित कई अन्य शामिल रही।
नर्सों की ये है मांग
अन्य राज्यों की तरह नर्सिंग स्टाफ को उच्च स्तरीय वेतनमान दिया जाए।2004 के बाद नियुक्त नर्सों को पुरानी पेंशन दी जाएकोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाली नर्सों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।प्रदेश में कार्यरत समस्त नर्सों को दो वेतन वृद्धि दी जाए।आदर्श भर्ती नियमों ने संशोधन कर प्रतिनियुक्ति समाप्त कर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाए।कार्यरत नर्सों को उच्च शिक्षा हेतु आयु बंधन हटाकर मेल नर्स की तरह समान अवसर दिया जाए।कोरोना संक्रमण काल में अस्थाई रूप से भर्ती की गई नर्सेस को नियमित किया जाए।एक ही विभाग में समान कार्य के लिए नर्सों को एक समान वेतनमान दिया जाए।पदोन्नति का लाभ देते हुए नर्सों का पदनाम परिवर्तित किया जाए।मेल नर्स की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
सीएमएचओ कार्यालय में आशा-उषा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
आशा-उषा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
उधर, वेतन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में आशा-उषा कार्यकर्ता और सहायिकों ने CMHO कार्यालय का घेराव किया। सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनको नियमित करने के लिए सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया तो अब डॉक्टरों और नर्सो के बाद आशा कार्यकर्ता भी काम बंद कर देगी। 500 से ज्यादा महिलाओं ने एक साथ प्रदर्शन में शामिल हुई। पुलिस को संभालने के लिए खासी मशक्कत करना पड़ी।
CSP के आश्वसान के बाद मानी आशा कार्यकर्ता
लगभग एक घंटे तक सीएमएचओ कार्यालय के बाहर भीड़ लगाकर बैठी आशा कार्यकर्ता बाहर जाने को तैयार नहीं थी। मौके पर सीएसपी अशोक तिवारी पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया तब कही जाकर आशा कार्यकर्ता परिसर से बाहर गई। जबलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में करीब 1,297 आशा कार्यकर्ता है। शहरी क्षेत्र में 495 आशा कार्यकर्ता हैं। निगरानी के लिए 97 आशा सहायिका नियुक्त की गई है। आशा कार्यकर्ताओं को 2000 रुपये प्रति माह, जबकि सहायिका को 7500 रुपए दिए जा रहे हैं।

