डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास में ना आए कमी डॉक्टर्स डे आज चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन - Aaj Tak News

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डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास में ना आए कमी डॉक्टर्स डे आज चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन



मध्य प्रदेश से संतोष जैन की रिपोर्ट -

मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना उनकी पूरी बात ध्यान से सुनना और मधुरता से बोलना भी इलाज का हिस्सा होना चाहिए

आज 1 जुलाई को समूचे भारत में डॉक्टर डे मनाया जा रहा है यह ऐसा अवसर है जब हर कोई चिकित्सक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है चिकित्सक रोगी को मौत के मुंह से भी खींच लाते हैं कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान खास तौर पर सरकारी चिकित्सा और पैरामेडिकल नर्सिंग स्टाफ ने जिस प्रकार से अपने प्राणों की बाजी लगाकर रोगियों की सेवा की है उससे चिकित्सकों के प्रति आदर भाव पैदा होता है महामारी से लड़ते हुए कई चिकित्सकों ने अपने प्राणों की आहुति तक दे दी यही वजह है कि आज भी चिकित्सो के प्रति लोगों में सम्मान का भाव है इसके बावजूद कई बार अस्पतालों में चिकित्सो और मरीजों के परिजनों के बीच मारपीट के मामले सामने आते रहते हैं इससे साफ है कि चिकित्सक और मरीजों के बीच विश्वास का रिश्ता कमजोर होता जा रहा है यह शिकायत बढ़ती जा रही है कि डॉक्टर अभिमानी संवेदनहीन होते जा रहे हैं वे जटिल मेडिकल शब्दों का प्रयोग कर मरीज को भ्रमित करते हैं मरीजों की तकलीफ ठीक तरह से नहीं सुनते एवं मोटी फीस वसूलते हैं दूसरी तरफ डॉक्टरों को लगता है कि मरीज बीमारी का इलाज पूरी तरह नहीं समझते हुए भी डॉक्टरों को बात-बात पर दोष देते हैं साथ ही डॉक्टरों को भी सोचना होगा कि चिकित्सा केवल बीमारी की दवा लिखना या ऑपरेशन करना ही नहीं है बल्कि इंसान को उसकी तकलीफ को राहत देना है इसलिए मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना उनकी पूरी बात ध्यान देकर सुनना और मधुर बोलना भी इलाज का हिस्सा होना चाहिए


 कोरोना कॉल में इनका जज्बा देखने लायक था




 धरती के भगवान को आज तक 24 चैनल के डायरेक्टर  व प्रॉन्प्ट टाइम्स मैगजीन के राष्ट्रीय ब्यूरो  चीफ संतोष जैन का सलाम



मुश्किल दौर में मरीजों को उपचार के साथ दिया हौसला कोरोना भी नहीं तोड पाया सेवा का जज्बा



 सवा साल से लगातार ड्यूटी कई दर्द सहे रात रात भर जागे डॉक्टर लेकिन कोरोना से लड़ने में पीछे नहीं हटे



40 साल से डायबिटिक बीमार होकर एडमिट हुए तब भी अस्पताल की चिंता रही 


डॉक्टर पीके कसार मेडिकल कॉलेज डीन


 पहली लहर के दौरान तीन चार माह तक लगातार कोविड-19 की ड्यूटी की



 डॉक्टर संजय मिश्रा स्वास्थ्य विभाग में क्षेत्रीय संचालक


दो बार कोरोना संक्रमित हुए पिता का साया उठा फिर भी सेवा में डटे रहे 




डॉ राजेश तिवारी मेडिकल अस्पताल अधीक्षक


 हर मौत पर होती थी तकलीफ लगता था कि काश मैं हर मरीज को बचा पाता



 डॉक्टर संजय भारती मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 पृभारी



मा को खोया 13 दिन पूरे होते ही अगले दिन अस्पताल की जिम्मेदारी संभालली 


डॉ अरविंद शर्मा मेडिकल अस्पताल उप अधीक्षक



 पहली लहर में कोरोना की जकड़ में आए लेकिन मुस्तैदी से लोगों को बचाने में जुटे रहे 



डॉक्टर शत्रुघन दहिया स्वास्थ्य विभाग जिला जिला टीकाकरण अधिकारी 


शादी के कुछ समय बाद ही डॉक्टर पति ने संभाली कोविड-19 दिन रात वाली ड्यूटी 



डॉ विपिन अग्रवाल व डॉक्टर साक्षी अग्रवाल



 सैनिक युद्ध में जाएगा चोट तो लगेगी ही मैं कोरोना  के मरीज देखूगा तो कोरोना होगा ही  घबराने की क्या बात 



डॉ वीरेंद्र सिंह सीनियर फिजीशियन सदस्य राजस्थान मुख्यमंत्री कोविड-19 सलाहकार समिति



अंत में पूरे भारतवर्ष के सभी हॉस्पिटल में कार्यरत पैरामेडिकल स्टाफ व डायरेक्टर व नर्सेज को मेरा सलाम धरती के भगवान को एक बार फिर सलाम

 आज तक 24 /7 डायरेक्टर संतोष जैन जबलपुर मध्य प्रदेश