उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पटनवा पुल पर मंगलवार की सुबह पुल से लटकता एक किशोरी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटनास्थल रामपुर कारखाना और तरकुलवा थानों के बीच का होने की वजह से सूचना के बाद भी मौके पर तीन घंटे बाद पुलिस पहुंची। सीमा विवाद को लेकर उलझी दोनों थाने की पुलिस एसपी के मौके पर पहुंचते ही सक्रिय हो गयी।
जानकारी के मुताबिक, रामपुर कारखाना के पटनवा पुल घाट पर मंगलवार की सुबह पुल की रैलिंग से नीचे लटकता एक किशोरी का शव फेंकते समय पैर रैलिंग में फंस गया था। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने शव देखकर शोर मचाया। चूंकि नदी के पूरब वाला हिस्सा तरकुलवा थानाक्षेत्र में पड़ता है। इसलिए लोगों की सूचना के बाद भी करीब तीन घंटे बाद रामपुर कारखाना और तरकुलवा पुलिस मौके पर पहुंची।
तरकुलवा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। जबकि महुआडीह थानाक्षेत्र के सवरेजी खरग गांव की रहने वाली महिला शकुंतला देवी ने महुआडीह थाने पर मंगलवार की सुबह पहुंच कर अपनी बेटी की हत्या का आरोप देवर पर लगाया तो पुलिस के होश उड़ गए।
उसने पुलिस को बताया कि सोमवार की रात को शकुंतला देवी के परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। उसके देवर और सास ने शकुंतला की पिटाई कर दी। मां को बचाने गई बेटी नेहा (16) की भी पिटाई कर दी। जिससे नेहा के मर जाने के बाद देवर ने उसे ठिकाने लगाने के लिए पटनवा पुल नदी में फेंक दिया। मगर, शव नदी में न गिरकर रैलिंग में फंस गया।
बताया कि आरोपी देवर अरविंद ने बेटी की बुरी तरह से पिटाई कर दी। जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई। दवा कराने के बहाने घर से ले गया। कुछ लोगों के साथ मिलकर हत्या कर नदी में फेंक दिया। नेहा दो भाई और दो बहन हैं। पिता अमरनाथ पासवान और बड़ा भाई विशाल बाहर नौकरी करते हैं। घर पर मां शकुंतला देवी, छोटी बहन निशा और छोटा भाई है।
मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। महुआडीह के प्रभारी एसओ एसआई हरेराम यादव ने बताया कि शकुंतला देवी का आरोप है कि उसके देवर अरविंद ने बेटी की हत्या कर शव फेंका है। मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है।
आराम फरमाते मिला आरोपी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी को विश्वास हो गया था कि शव नदी में बहकर चला गया होगा। जिससे उसके कारनामे पर पर्दा पड़ जाएगा लेकिन संयोगवश ऐसा नहीं हुआ। जिससे पुलिस के हाथ आरोपी के गिरेबां तक पहुंच गया। कुछ समय तक हिरासत में बहाना बनाता रहा लेकिन टेंपो चालक ने रहस्य से पर्दा उठाया तो आरोपी भी सच उगल दिया


