जबलपुर से कुलभूषण सिह गौतम की रिपोर्ट
60 देशों को बैक्सीन बांट दी,डंका बजवा लिया,अब भारत मे बैक्सीन शॉर्ट है।
ऑक्सीजन,रेमडीसीवर,कोविड आईसीयू पर साल भर में क्या किया?इनकी कमी से अफ़रा तफरी फैलना किसकी जिम्मेदारी है।
जब कुछ नही सूझता तो लॉक डाउन कर दिया,अब फिर वही भगदड़ शुरू करा दी।ट्रेन बसों में भागने लगे हैं लोग
रोजगार छीन लिए।।
आप संक्रमित हो जाओ तो देश और जनता की सेवा में हुए,कोई गरीब घर पालने के लिए संक्रमित हो गया तो जनता लापरवाह है। वाह क्या नीति है।
हम सबका एक साल का अनुभव यही कहता है कि कोरोना एक समस्या है और लॉक डाउन एक हजार समस्याओं की जड़ है।
लॉक डाउन उपाय नही,विफलता छिपाने का औजार है।

