असफलता छुपाने, मौतों की संख्या छुपा रहे है शिवराज16 जून को पुतला जलाकर विरोध करेंगी माकपा - Aaj Tak News

Breaking

आज तक 24x7 वेब न्यूज़ व्यूअर से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे औरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406763885 पर व्हाट्सएप्प करें....भारत के समस्‍त प्रदेशों में स्‍टेट ब्‍यूरों, संभाग ब्‍यूरों , जिला ब्‍यूरों, तहसील ब्‍यूरों और ग्राम स्तर पर संवाददाता की आवश्यकता है


असफलता छुपाने, मौतों की संख्या छुपा रहे है शिवराज16 जून को पुतला जलाकर विरोध करेंगी माकपा

भोपाल से संतोष जैन की रिपोर्ट -


भोपाल। प्रदेश की भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार जब मौतों को छिपा कर कोरोना की पहली और दूसरी लहर को मिलाकर सिर्फ 8510 मौतों की बात कर रही है, तब उसकी सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के अनुसार केवल इस साल मई महीने में ही 1 लाख 64 हजार 838 मौतें हुई हैं। इसका अर्थ है कि सिर्फ एक दिन में ही 5317 मौतें प्रदेश के अंदर हुई हैं।



मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने इसे चौंकाने वाला अंतर बताते हुए कहा है कि वर्ष 2021 के पांच महीनों के अंदर ही 3 लाख 48 हजार 607 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जो पिछले साल हुई मौतों से 1 लाख 84 हजार 416 ज्यादा है। पिछले पांच महीनों में रजिस्टर हुई मौतों की संख्या 1 लाख 64 हजार 191 था। जाहिर ही बात है कि मौतों में यह वृद्धि अचानक नहीं हुई है। शिवराज सरकार की कोरोना की दूसरी लहर को रोकने में नाकामी, रेमेडिसिवर और ऑक्सीजन में भ्रष्टाचार, अस्पतालों में उपचार के अभाव के कारण हुई हैं। इसलिए इन मौतों के आंकड़े छुपाकर शिवराज सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है।




माकपा नेता ने कहा है कि इन मौतों को छिपाकर भाजपा सरकार सिर्फ बदनामी से बचने की कोशिश ही नहीं कर रही है, बल्कि मृतकों के प्रति असंवेदना और उनके परिजनों को सांत्वना देने की बजाय उनके जख्मों पर नमक छिडक़ रही है। जब राज्य सरकार इन मौतों को ही स्वीकार नहीं कर रही है। मरीजों का कोरोना के तहत उपचार हुआ है, उनके मृत्यु प्रमाण पत्र में भी कोरोना दर्ज नहीं कर रही है तो यह आंकड़े छिपाने की कोशिश के साथ साथ परिजनों को मुआवजे से वंचित रखने की साजिश भी है।



जसविंदर सिंह ने कहा है कि यह महज संयोग नहीं है कि कागजों पर चलने वाले फर्जी अस्पताल के नाम से भी दस हजार रेमेडिसिवर लेने का घोर अपराधिक मामलें मध्यप्रदेश में ही सामने आए है। प्रदेश सरकार इस पर कार्यवाही करने से इसलिए बच रही है क्योंकि इस मामले में पकड़े जाने पर सत्ता के नजदीकी ही बेनकाब होने वाले हैं।




मौतों को छुपाने की इस घोर संवेदनहीन और अमानवीय हरकत के खिलाफ पार्टी ने 16 जून को प्रदेश भर में राज्य शासन के पुतले जलाने का आव्हान किया है। इस विरोध कार्यवाही के जरिये मांग की जाएगी कि मौतों की सही संख्या जारी करे, प्रत्येक मृतक के परिवार को मुआवजा दे। इस घपले के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।