सीएमओ कार्यालय बना दलालों का अड्डा, बाबू से लेकर एसीएमओ भ्रष्टाचार में लिप्त
फर्जी अस्पतालों पर छापा, आखिर फर्जी अस्पतालों का किसने दिया रजिस्ट्रेशन
एसीएमओ डॉ सुरेन्द्र सिंह खुद है लिप्त
देवरिया। जनपद के जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने गूगल मीट द्वारा स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा तो कर रहे है, लेकिन वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी धन उगाही में अपने आप पर मस्त हो गए है, इस पर कोई विचार नहीं हो रहा है।
सीएमओ कार्यालय के बाबू से लेकर एसीएमओ द्वारा चलाया जा रहा जनपद में अवैध फर्जी अस्पताल। इसका जीता जागता उदाहरण भटनी नगर पंचायत के अन्तर्गत एम के शर्मा का अस्पताल है। ये अस्पताल कागज में सीज हो गया है, लेकिन अभी तक उस अपराधी डॉ की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, आखिर क्यों? जो डॉक्टर वैश्विक महामारी में मरीजों से गैस सिलेंडर, और बीमारी के नाम पर मोटी रकम लिया गया और मरीज का अंतकाल भी हो गया इसकी ज़िम्मेदारी किसकी है।
आपको बताते चलें कि जिस समय डॉ सुरेन्द्र सिंह सलेमपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी थे, उसी समय से बिहार सीमा पर अवैध अस्पताल संचालित हैं, जिसका ज़िम्मेदार स्वयं इस समय
