शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट -
पपौंध छेत्र के अंतर्गत लगभग 55 गांव ऐसे हैं जिनका छेत्र से बाहर निकलने के लिए हॉस्पिटल , कॉलेज , जाने के लिए या ब्यौहारी शहडोल कटनी कही भी जाना हो तो मात्र एक ही रास्ता है जो कि ब्यौहारी के लिए जाता है इसी रास्ते में भी तिखबा गांव के अंदर एक नाला पड़ता है जिसमे आज तक पुल नही बनाया गया जब की यह रोड कई बार बन चुकी है लेकिन फिर से रोड पूरी तरह जर्ज़र हो चुकि है , थोड़ा भी बारिश होंने पर यह नाला भारी उफान के साथ 3-4 घन्टे बहता रहता है, जिसके कारण आवाजाही रुक जाती है और नाले के दोनों तरफ भारी जाम लग जाता है कई बार एम्बुलेंस सीरियस मरीज लिए, कई घंटों नाला उतरने का इन्जार करती रहती है और मरीज समय से हॉस्पिटल ना पहुचपाने के कारण एम्बुलेंस में ही दम तोड़ देता है गर्ववती महिलाएं प्रसव पीड़ा से तड़फती रहती है और नाला खाली होने का इन्जार करती है कि नाला खाली हो तो हॉस्पिटल पहुच सके इस रास्ते के सिवा कोई दूसरा रास्ता भी नही है जिससे हॉस्पिटल तक पहुचा जा सके
कई बार सासन प्रसासन को इस समस्या से अवगत कराया गया लेकिन अभी तक पुल नही बन सका ,फिर से बरसात आगई और इस छेत्र की जनता की धड़कन बढ़ने लगी कब बारिस होने लगे और इस पुरे छेत्र का रास्ता बन्द हो जाये, क्या किसी बड़े हादसे के इंतज़ार में बैठा है शासन , प्रशासन , आखिर कब होगा इस। विकट समास्या का समाधान !!
