जबलपुर से संतोष जैन की रिपोर्ट
ग्राम बरखेड़ा में सड़ गई हजारों कुंतल धान
ओपन कैप में किया गया था भंडारण
बरसात के पानी से भी खराब हो रही उपज
मूकदर्शक बने हैं जिम्मेदार
10 साल पुरानी धान भी रखी
किसानों से धान खरीदी के बाद जिम्मेदार विभाग के अधिकारी इतनी लापरवाही बरतते हैं कि हजारों कुंतल धान रखे रखे ही खराब हो जाती है अब नगर क्षेत्र के बरखेड़ा ओपन कैप में रखी हजारों कुंतल धान सड़ गई है इसके बाद भी अधिकारी नहीं चेत रहे हैं ओपन केप की स्थिति यह है कि बारिश के दौरान धांधली हो रही है और घान खराब हो रही है जानकारी के अनुसार यहां भी लाखों रुपए की धान खराब हुई है समर्थन मूल्य पर खरीदी गई वर्ष 2018 19 वर्ष 2019 और वर्ष 2020 21 की धान यहां रखी गई है किसानों से धान तो खरीद ली गई लेकिन इसके बाद इसका रख-रखाव सही ढंग से नहीं किया गया जिससे 10000 कुंटल से ज्यादा की धान अभी खराब होने की बात सामने आई है जबकि यहां के लोगों का कहना है जहां घान रखि है वहां पानी भी भर रहा है जिससे नीचे जितनी भी घान है पूरी सड़ गई और बदबू तक मारने लगी है बरखेड़ा की पंचायत में 3 साल पुरानी धान रखी है नियम यह है कि धान को मिलर्स को देना चाहिए ताकि इसका चावल बनाया जा सके और राशन दुकानों से वितरित किया जा सके लेकिन इस धान को सडाया जा रहा है और फिर नीलाम किया जाता है अधिकारियों का कहना है कि जो भी पुरानी ध्यान रखी है अब टेंडर निकालकर नीलाम की जाएगी
*(बरखेड़ा में घान तो खराब हुई है लेकिन बहुत कम मात्रा में अभी कुछ दिन पहले ही जाकर जांच की गई थी इस मामले में वेयरहाउसिंग वाले ज्यादा जानकारी दे पाएंगे)*
रोहित सिंह बघेल डीएमओ

