सतना से रमेश यादव व पूजा गुप्ता की रिपोर्ट -
कोरोना संकट में भी नहीं पसिजे जिम्मेदार पीडीएस का राशन वितरण में लेटलतीफी
डेढ़ लाख परिवारों की थाली तक नहीं पहुंचा खाद्यान्न
वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में गरीबों को अपने हक का खाद्यान्न पाने के लिए भटकना पड़ रहा है जिला प्रशासन की सख्ती के बाद भी वितरण व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहीे हैं हाल यह है कि जिस जिले की 817 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में हर माह हजारों कार्ड धारी खाद्यान्न से वंचित हो रहे हैं अप्रैल में जिले भर के 3लाख67हजार200 उपभोक्ताओं को राशन वितरण की अपेक्षा 17 दिन में 2लाख23हजार427 परिवारों की थाली तक की सरकारी राशन की मदद पहुंच पाई राशन दुकानों में 1लाख43हजार773 उपभोक्ताओं को अभी भी खाद्यान्न नहीं मिल पाया आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मझगवा विकासखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है मझगमा में एक सैकड़ा से अधिक राशन दुकानों में महज 43. 16 की फीसदी वितरण हो पाया है दो ब्लॉक में स्थिति खराब

